Sunday, 10 September 2017

लखनऊ मेट्रो में चार दिन में एक लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल के संचालन शुरू होने के बाद पहले चार दिन में एक लाख से अधिक यात्रियों ने इसमें सफर किया है।

 लखनऊ मेट्रो कारपोरेशन (एलएमआरसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भारत के विभिन्न नगरों में चलने वाली मेट्रो रेलों में यह शुरुआती दौर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े हैं। लखनऊ के लोगों में लखनऊ मेट्रो के प्रति अत्यधिक आकर्षण है। ट्रांसपोर्ट नगर और चारबाग कॉरिडोर के बीच साढ़े आठ किलोमीटर लम्बे मार्ग पर गत छह सितम्बर से यात्रियों के लिए मेट्रों का संचालन शुरु हुआ था। वैसे इसका उद्घाटन पांच सितम्बर को किया गया था। 


उन्होंने बताया कि लखनऊ मेट्रो ने यात्रियों की सुविधा के लिए"स्टेट ऑफ दि आर्ट" ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (ए0एफ0सी0) सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत "टोकेन" और "गो स्मार्ट कार्ड" के माध्यम से यात्री सफर कर सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि मेट्रों की यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, क्योंकि देश के विभिन्न नगरों में संचालित होने वाली मेट्रो रेलों में शुरुआती दौर में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। 

सच तो यह है कि देश में हाल ही में शुरू हुई कई मेट्रो रेलों के शुरुआती संचालन में पेपर टिकट का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि यात्रियों से किराया वसूलने के लिए स्मार्ट कलेक्शन सिस्टम को लागू नहीं किया जा सका था। एलएमआरसी ने अपने संचालन के पहले ही दिन से यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमैटिक टोकेन वेडिंग मशीन (टीवीएम) तथा रिचार्ज कार्ड टर्मिनल मशीन (आरसीटीएम) स्थापित की हैं। 

इसके तहत यात्री "टोकेन" प्राप्त करने के लिए इन टर्मिनल को स्वयं ऑपरेट करते हैं और अपनी इच्छानुसार बिना देर किए टोकेन प्राप्त कर लेते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भारत में संचालित होने वाली विभिन्न मेट्रो रेलों के शुरुआती दौर में यह सुविधा किसी में भी उपलब्ध नहीं थी। इस सुविधा को शुरू से लागू करने के कारण एलएमआरसी अन्य मेट्रो से अलग है। 

एलएमआरसी द्वारा उपलब्ध करायी जा रही मुफ्त सुविधाओं जैसे-पेयजल, स्मार्ट कार्ड यूजर्स के लिए वाई-फाई की सुविधा, उद्घोषणा के लिए एफएम सेवाओं के इस्तेमाल, फस्ट एड, जरूरतमंद यात्रियों के लिए चिकित्सा तथा इमरजेंसी सेवाओं तथा महिलाओं, वृद्धजनों तथा विकलांगजनों के लिए उपलब्ध करायी जा रही विभिन्न सुविधाओं के कारण लखनऊ मेट्रो देश के अन्य मेट्रो सिस्टम से काफी अलग है। 

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। लखनऊ मेट्रो के तहत इस्तेमाल की जा रही रेलें देश में सबसे आधुनिक हैं। इनका संचालन कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कण्ट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नल सिस्टम पर किया जाता है, जो अत्यधिक सुरक्षित है। गौरतलब है कि मेट्रो सुबह छह बजे से रात के 10 बजे तक संचालित होती हैं। 

शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी खामियां हुई थी। ऐसी खामियां लगभग सभी मेट्रो सिस्टम में शुरू में पेश आयी हैं। मेट्रो ने पहले दिन छह सितम्बर को 31,688 यात्रियों को सफर कराया, जो सराहनीय है। नौ सितम्बर को लखनऊ मेट्रो में 26,083 यात्रियों ने सफर किया। मेट्रो ट्रेन को इनडक्ट करने से पहले यात्रियों की संख्या का ध्यान रखा जाता है। यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो ऑपरेशन टीम अधिक संख्या में मेट्रो ट्रेनें चलाना सुनिश्चित करती है। मेट्रों ने आज बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद की है इसलिए उसने चार मेट्रो रेलों से अपने ऑपरेशन की शुरुआत की है। 

आवश्यकता पडऩे पर शाम तक पांचवीं ट्रेन को भी सेवा में उतारा जा सकता है। मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए गाडिय़ों की हाई फ्रीक्वेंसी मेन्टेन की जाएगी।

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